Kya Depression pagalpan hai?

अवसाद पागलपन नहीं है |

वास्तव में अवसाद पागलपन नहीं है, अगर कोई व्यक्ति डिप्रेशन से गुजर रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं की वह व्यक्ति पागल है |

अवसाद और पागलपन मन की दो अलग-अलग मानसिक अवस्थाएं हैं |

अगर आप डिप्रेशन में हो, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप पागल हो, इसका मतलब यह है कि आप एक सही राह से भटक गए हो |

अगर आप डिप्रेशन से बाहर आना चाहते हो तो आप को सही राह पर चलना होगा |

Aasafalta kya hai

असफलता एक भ्रम है।


कोई भी व्यक्ति असफल नहीं होता, विफलता व्यक्ति का भ्रम है।

दुनिया में हम सभी समान अंगों के साथ आए हैं और भगवान ने हम सभी को पृथ्वी पर समान समय दिया है (अपवाद हमेशा होते हैं)

इसमें हमारा दोष भी नहीं है। जाने या अनजाने में कुछ लोग गलत रास्ता पकड़ लेते हैं और कुछ लोग सही रास्ता पकड़ लेते हैं।

जो सही रास्ता अपनाता है, वह थोड़ा जल्दी सफल हो जाता है, लेकिन असफल व्यक्ति का रास्ता थोड़ा बढ़ जाता है, क्योंकि उसे बाद में पता चलता है कि मैं गलत रास्ते पर हूं।

वह देर से आता है, लेकिन फिर भी वह गंतव्य तक पहुंचता है, वास्तव में दोष असफल लोगों का नहीं है, बल्कि उसकी मानसिकता का है, जिसके कारण वह अनजाने में गलत रास्ता चुन लेता है, जिससे गंतव्य तक पहुंचने में थोड़ा अधिक समय लगता है, लेकिन उसे मिलेगा उपहार में एक अनुभव जो सफल लोगों को नहीं मिलता है।

सफल लोगों में सफलता की भावना होती है, जबकि असफल लोगों के पास एक मौका होता है, वे सफल भी हो सकते हैं, उन्हें बस यह देखना होगा कि वह कौन सा मार्ग है जो सफलता की ओर ले जाता है।

इस पाठ से हम सीख सकते हैं कि असफलता ही सफलता का रास्ता है, सही रास्ते पर चलकर हम अवसाद से बाहर आ सकते हैं।

Hello, friend

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Aap kon ho

आप कौन हो?

क्या आप जानते हो, आप कौन हो शायद आप राम, श्याम या घनश्याम हो |

लेकिन राम, श्याम और घनश्याम तो सिर्फ तो सिर्फ एक नाम है |

तो क्या आप जानते हो आप हो कौन?

शायद आप आपका शरीर हो ?

अगर आप शरीर होते तो यह हमेशा आपके साथ होता, लेकिन एक दिन आप इस शरीर को छोड़कर चले जाओगे तो निश्चित ही आप आपका शरीर नहीं हो |

अगर आप आपका शरीर नहीं हो, तो क्या हो ?

शायद हो सकता है आप, आपका मन हो |

मन तो सिर्फ एक मेमोरी है, जो हमारे द्वारा लिए गए ज्ञान और अनुभव से मिलकर बनी है |

तो आप बताइए आप हो कौन ?

Ek galti jisne mujhe depressed kar diya

एक गलती जिसने मुझे उदास कर दिया |

दुनिया में हर चीज cause-and-effect की वजह से होती है, मेरे डिप्रेशन के पीछे भी एक कॉल था |

Depression का cause हर एक व्यक्ति के लिए अलग-अलग या एक समान हो सकता है,
लेकिन एक ही नहीं हो सकता है |

अगर मैं अपने डिप्रेशन के cause की बात करूं तो वह था addiction of pornography.

फिर मैंने अपनी इच्छाशक्ति से addiction of pornography को addiction of spirituality
मैं बदल लिया |

और बहुत जल्द लगभग 6 महीने में मैं डिप्रेशन से बाहर आ गया |

अकेले रहकर भी खुश कैसे रहें ?

हां, हम अकेले हो कर भी खुश रह सकते हैं, अकेले रहकर खुश होने में सही समझ होना चाहिए |

अगर हमारी समझ सही नहीं है, तो अकेले होकर खुश रहना थोड़ा मुश्किल है |

आप पहले से जानते हैं हमारी मूलभूत आवश्यकताएं रोटी, कपड़ा और मकान है |

अगर हमारे पास खाने के लिए रोटी, पहनने के लिए कपड़े, और रहने के लिए मकान है, तो और कुछ नहीं चाहिए, यह एक सही समझ की बात है |

अगर हमारी समझ सही नहीं है, तो बहुत सी ऐसी चीजें हैं, जिन्हें पाने की चाह है, जैसे कि अच्छी गाड़ी, अच्छा लाइफ पार्टनर, कुल मिलाकर हमारे अंदर बहुत सी ऐसी चीज है, जिन्हें पाने की चाह है |

और हमें लगता है कि ख्वाइश पूरी हो जाने के बाद हम खुश हो जाएंगे, जबकि यह एक भ्रम है |

वास्तव में हमें खुश होने के लिए किसी व्यक्ति या वस्तु की आवश्यकता नहीं है, सिर्फ एक सही समझ की जरूरत है |