Aap aapka mind nhi ho

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आप आपका माइंड नहीं हो, यह लाइन मैंने बुक द पावर ऑफ नाउ में पड़ी थी जिसके बाद यह लाइन मेरे अंदर उतर गई |

You are not your mind

यह बुक में उस समय पढ़ रहा था, जब मैं डिप्रेशन से गुजर रहा था |

क्या आपको लगता है आप आपका माइंड हो ?

वास्तव में आप आपका माइंड नहीं हो , माइंड से अभिप्राय जो हमारे अंदर से विचार आते हैं और अंदर से हमारे वही विचार आते हैं जो विचार हमने जाने अनजाने में अपनी आंखों या कानों के माध्यम से मेमोरी में भरे हैं |

हम हमारा मन नहीं है , यदि अगर मैं मेरा मन होता तो बार-बार बदलता क्यों , तो निश्चित तौर पर मैं मेरा मन नहीं हूं |

क्योंकि मेरा मन मेरी स्मृति से बनता है और मेरी स्मृति मेरे मेरे द्वारा लिए गए अनुभव से बनती है , लेकिन आध्यात्मिक ज्ञान ना होने के कारण हमें ऐसा प्रतीत होता है कि मैं मेरा मन हूं |

वास्तव में मैं मेरा मन नहीं हूं, मैं तो एक साक्षी हूं , जो मेरे मन में चल रही घटना को जान सकता हूं, महसूस कर सकता हूं और जरूरत पड़ने पर मन के अनुसार या मन के विपरीत वास्तविकता के आधार पर कार्य कर सकता हूं |

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