चिंता और चिंतन में क्या अंतर है ?

chinta aur chintan
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चिंता और चिंतन में अंतर (anxiety and brain storming) :

हमारे जीने का उद्देश्य क्या है (what is the purpose of our life in hindi) यह प्रश्न हमारे मन में तब आता है जब हमारी लाइफ में बहुत सी परेशानियां चल रही होती है , यह प्रश्न उस समय नहीं आता जब हमारी लाइफ बहुत अच्छी चल रही होती है |

हर चीज को लेकर हमारे पास 2 नजरिए हो सकते हैं पहला चिंता (anxiety) और दूसरा चिंतन (brain storming)

हम चिंता और चिंतन को इस उदाहरण से समझ सकते हैं |

चिंता (anxiety):

जब इंसान को चिंता होती है तो उसके विचार कुछ इस तरह के होते हैं |

  1. मुझे ही डिप्रेशन क्यों हुआ ( why I’m depressed ) ?
  2. मैं ही बीमार क्यों हुआ (why I’m ill)?

चिंतन (brain storming) :

और जो व्यक्ति चिंतन करता है उसके विचार कुछ इस प्रकार के होते हैं |

  1. मुझे डिप्रेशन से बाहर आने के लिए क्या करना होगा (what should I do to cure depression) ?
  2. किस तरह मेरी यह बीमारी खत्म होगी (how to cure this illness)?

चिंता और चिंतन हमारी समझ पर निर्भर करता है, एक चीज को लोग अलग-अलग नजर से देखते हैं |

अगर कोई व्यक्ति मानसिक बीमारी का शिकार (mental illness) है तो उसकी चिंता क्या होगी कि उसके साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है (why I’m depressed) , लेकिन अगर वह इस बारे में चिंतन करें कि ऐसा क्या करना चाहिए, जिससे उसकी मानसिक परेशानी खत्म हो जाए (how to cure depression)|

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