FAQ’s with Deepak Yadav -3

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क्या करे जब किसी को आपकी परवाह नहीं हो तो ?

अच्छा है, जब किसी को हमारी परवाह नहीं है, तो यह सबसे अच्छा समय है, जब हम अपने आप को संभाल सकते हैं |
सच में हम कितनी कम परवाह करते हैं, अपने आपकी चलो आज से एक नई शुरुआत करते हैं |
हम हमारी पर वह खुद करेंगे और बहुत अच्छे से करेंगे अगर कोई हमारी परवाह नहीं कर रहा है, तो क्या हम किसी की परवाह के गुलाम है क्या नहीं हमें फर्क नहीं पड़ता कोई हमारी परवाह करे या ना करे |
लेकिन मैं अपनी परवाह खुद कर लूंगा, मैं अपनी परवाह खुद कर लूंगा पूरे तन, मन,धन से करूंगा क्योंकि यह जिंदगी मेरे लिए बहुत अनमोल है |
इसके आगे सारी परेशानियां बहुत छोटी है क्योंकि लाइफ में लाइफ से ज्यादा इंपोर्टेंट और कुछ नहीं है |

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गलतफहमी का सबसे बड़ा स्रोत है मीडिया

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गलतफहमी

अगर कोई सी movie बनाई गई है और दिखाया गया है कि अल्बर्ट आइंस्टीन और उनका रोल कर रहे हो सलमान खान तो सलमान खान साहब को नाम दिया जाएगा बॉलीवुड के आइंस्टाइन और कुछ दिन बाद लोगों से पूछा जाए कि E = mc^2 नियम किसने दिया तो लोग कहेंगे बॉलीवुड के आइंस्टाइन सलमान खान ने दिया |
तो ऐसे गलतफहमी वाले media विचारों से दूर रहें क्योंकि इनकी गति संक्रमित रोगों से बहुत ज्यादा है यही एकमात्र निवारण है इससे बचने |

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FAQ’s with Deepak Yadav – 2

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जिंदगी क्या है ?


जिंदगी सिर्फ जीवन है , चाहे हम इसे जो भी नाम दे |

जिस तरह एक पानी का बुलबुला कुछ समय के लिए
पानी में हुई आंतरिक घटना के कारण पैदा होता है, जिसका कुछ समय के लिए अस्तित्व होता है , और फिर से वह पानी में विलीन होकर पानी बन जाता है,
इसी तरह हम भी हमारी लाइफ की तुलना एक बुलबुले से कर सकते हैं |

जिंदगी में सबसे ज्यादा महत्व किस चीज का है?

जिंदगी में सबसे ज्यादा महत्व खुद जिंदगी का है सोचो अगर हमारे पास सब कुछ हो दौलत और शोहरत हो नाम हो काम है लेकिन यह जिंदगी ही ना हो तो यह सब किस काम का तो जिंदगी में खुद जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है |

अनुभव या अभ्यास जीवन में सबसे ज्यादा महत्व किसका है ?

जीवन में अनुभव और अभ्यास दोनों का बहुत महत्व है अभ्यास और अनुभव एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और वह सिक्का हमारी जिंदगी है अनुभव हमें सही और गलत की राह बताता है और
उसी अनुभव के द्वारा बताई गई सही राह पर चलकर हम सही अभ्यास कर सकते हैं |

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What to do when your parents compare you to other child in Hindi

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क्या करें अगर आपकी फैमिली आपको अन्य बच्चों से तुलना करें तो ?

अगर आपकी फैमिली भी एक सामान्य फैमिली है, जो आपको अन्य बच्चों के साथ तुलना करती है , तो ऐसे में हमें परेशान होने की जगह यह देखना चाहिए कि
इस तुलना का कारण क्या है |
क्या यह तुलना एक वास्तविकता के आधार पर है |

एक महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का मानना था कि हममें से हर कोई एक जीनियस है, लेकिन क्या होगा अगर हम एक बंदर को मछली के साथ उसके पानी पर पानी में तैरने की skill के आधार पर उसे judge करेंगे और एक मछली को बंदर के साथ पेड़ पर चढ़ने की skill में उसे जज करेंगे |

इस तरह की तुलना से ना तो कभी बंदर सफल होगा ना कभी मछली सफल हो पाएगी, बल्कि सफल होने के चक्कर में उनकी सफरिंग बढ़ जाएगी तो हमें एक समाज के तौर पर बच्चों की तुलना नहीं करनी चाहिए क्योंकि जरूरी नहीं जो बच्चा पढ़ाई में अच्छा ना हो वह खेलकूद में भी अच्छा नहीं है |

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One thought that changed my Life in Hindi

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एक सोच जिसने मेरी जिंदगी बदल दी |

एक विचार जिसने मेरा डिप्रेशन खत्म कर दिया, जब मैं डिप्रेशन में था तो कहीं ऑनलाइन मुझे किसी से एक बुक पढ़ने को सलाह मिली इस बुक का नाम था द पावर ऑफ नाउ, इस पुस्तक में मेरी नजर एक लाइन पर पड़ी जिसमें लिखा था ‘you’re not your mind
यहां से मेरी आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत हुई थी, जिसकी वजह से मैं बहुत जल्द डिप्रेशन से बाहर आ गया था |

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