Category: Cure depression in 100 days

अपने आपको प्रकृति को समर्पित कर दीजिए

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प्रकृति को समर्पित

अब से हमें कुछ सही और अच्छी जानकारी अपने आपको रोज देना है, अब अपने आपको पूर्ण रूप से ईश्वर या प्रकृति को समर्पित कर दीजिए |

समर्पित से मेरा मतलब यह है कि आज से आपको अपने बीमारू विचार को त्यागने हैं, जो आपको परेशान करते हैं |

लेकिन उन विचारों को मन से नहीं त्याग सकते |

अभी के लिए सोच लो आपके मन में वह विचार नहीं आने चाहिए जिन विचारों को सोचकर आप परेशान हो जाते हो , पर यह विचार तो पहले से हीं आपके अंदर मौजूद है |

आपको उन विचारों से पीछा छुड़ाने के लिए अपने आप को सरेंडर करना पड़ेगा |

मान लो पुलिस किसी चोर को पकड़ने के लिए पीछा कर रही है, उस चोर को कितना डर रहेगा और यही अगर वह खुद को सरेंडर कर दे तो क्या उसे कोई डर होगा |

इसलिए सबसे पहले अपने आप को सरेंडर कर दो |

अपने आप को सरेंडर करने से आपकी ईगो अपना प्रभाव दिखाना खत्म कर देगी , जिस तरह चोर सरेंडर कर देने के बाद अपनी भाग जाने की कोशिशों को छोड़ देता है |

आपको सरेंडर कर देने के बाद, अपने आप को ठीक करने के बारे में बिल्कुल नहीं सोचना है, क्योंकि आप अब सिर्फ कर्म करोगे आपके भाग्य को प्रकृति को समर्पित कर चुके हैं |

सरेंडर से मतलब सिर्फ और सिर्फ आपके ठीक होने के परिणाम को छोड़ना है, हमारे कर्म को नहीं छोड़ना |

समर्पण को और अच्छी तरह से समझने के लिए हम इस उदाहरण से समझ सकते हैं कि आप  ट्रेन से दिल्ली जा रहे हो |

अब आप ट्रेन में बैठकर बस यह सोच रहे हो बार-बार की  दिल्ली कब आएगा, कब दिल्ली आएगा ?

यहां पर ट्रेन में बैठकर जाना आपका कर्म है और दिल्ली पहुंचना आपका भाग्य है |

यहां पर सरेंडर करने से आशय बार-बार यह सोचकर दुखी नहीं होना है कि कब दिल्ली पहुंचे क्योंकि सोचने से आप दिल्ली नहीं पहुंचोगे |

आपके सोचने से ट्रेन की गति बढ़ नहीं जाएगी |

अपने आप को दुखी करने से अच्छा है, अपने आप को सरेंडर कर दो |

इसी उदाहरण की तुलना हम अपनी परिस्थितियों के हिसाब से अपने आप से करें, तो यहां पर डिप्रेशन से बाहर निकालना हमारी मंजिल है |

आज से इस वाक्य को बार-बार पड़े और इसे अंदर तक जाने दे |

मुझे अब किसी बात का डर नहीं है, जो होना हो होजाए, पर मैं अपने कर्म को पूरी ईमानदारी से करूंगा |

उपरोक्त वाक्य को अपने दिल से बोलियो पूरा अंदर तक जाने दे, इसे इमोशन के साथ feel करके बोलिए |

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What to do to cure depression in hindi

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1. डिप्रेशन को खत्म करने के लिए आपको आपकी लाइफ स्टाइल बदलना है |
2. हमें रोजाना अनुशासन का पालन करना है |
3. सुबह रोज 6:00 बजे से पहले उठना है |
4. हमें नकारात्मक प्रभाव वाली चीजों से दूर रहना है|
5. पोर्नोग्राफी का इस्तेमाल नहीं करना है |
6. रोजाना हमें स्वास्थ्य को बढ़िया बनाने के लिए
योगा, मेडिटेशन, प्राणायाम, खेल खेलना, व्यायाम करना |
7. रोजाना हमारी समृद्धि बढ़ाने के लिए पैसे कमाने हैं और उन पैसों का संचय करना है |
8. हमेशा खुश रहने के लिए हमें हमारी समझ बढ़ाना है और समझ बढ़ाने के लिए हमें रोज आध्यात्मिक किताबें या आध्यात्मिक प्रवचन को सुनना है |
9. हमें सफल व्यक्ति की आदतों को अपनाना है और डिप्रेस्ड या असफल व्यक्ति की आदतों को छोड़ना है|
10. उपरोक्त लिखे सभी नियमों का पालन करना है |

मैं आशा करता हूं इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आप आपकी लाइफ स्टाइल में परिवर्तन ले आएंगे और आप डिप्रेशन से पूरी तरह मुक्त हो जाएंगे |

धन्यवाद

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pronography ka mind par kya prabhav padta hai

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अश्लील साहित्य से दूर रहें

वैसे तो डिप्रेशन के causes अलग अलग होते हैं, क्योंकि सभी की लाइफ स्टोरी अलग अलग होती है|

लेकिन ज्यादातर केस में यह कॉमन पाया जाता है, मैं अपनी कहानी बताऊं तो यह एक प्रमुख कारणों में से एक था, जिसकी वजह से मैं डिप्रेशन से ग्रसित हुआ |

वास्तव में हम हमारे माइंड में जिस तरह की कंटेंट लेते हैं यह उसी तरह व्यक्त करता है |

डिप्रेशन के पहले में पोर्नोग्राफी को बहुत ज्यादा इस्तेमाल करता था, जिसकी वजह से मेरे अंदर ज्यादातर समय इसके बारे में ही ख्याल आते थे|

लेकिन इस तरह pornography की वजह से मेरी sexual डिजायर बढ़ गई जिसकी वजह से मै Depressed हो गया |

अगर आप pornography के शौकीन हैं, तो इसे इसे पूर्ण त्याग दें क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को हमारे मन में बढ़ावा देती है |

आप पहले से जानते हैं डिप्रेशन mental state है और यह धीरे-धीरे विकसित होती और यह उसी तरह रिएक्ट करती है जिस तरह की जानकारियां हमने माइंड को दी है |

नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए pornography करना छोड़ दें |

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Aap aapka mind nhi ho

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आप आपका माइंड नहीं हो, यह लाइन मैंने बुक द पावर ऑफ नाउ में पड़ी थी जिसके बाद यह लाइन मेरे अंदर उतर गई |

You are not your mind

यह बुक में उस समय पढ़ रहा था, जब मैं डिप्रेशन से गुजर रहा था |

क्या आपको लगता है आप आपका माइंड हो ?

वास्तव में आप आपका माइंड नहीं हो , माइंड से अभिप्राय जो हमारे अंदर से विचार आते हैं और अंदर से हमारे वही विचार आते हैं जो विचार हमने जाने अनजाने में अपनी आंखों या कानों के माध्यम से मेमोरी में भरे हैं |

हम हमारा मन नहीं है , यदि अगर मैं मेरा मन होता तो बार-बार बदलता क्यों , तो निश्चित तौर पर मैं मेरा मन नहीं हूं |

क्योंकि मेरा मन मेरी स्मृति से बनता है और मेरी स्मृति मेरे मेरे द्वारा लिए गए अनुभव से बनती है , लेकिन आध्यात्मिक ज्ञान ना होने के कारण हमें ऐसा प्रतीत होता है कि मैं मेरा मन हूं |

वास्तव में मैं मेरा मन नहीं हूं, मैं तो एक साक्षी हूं , जो मेरे मन में चल रही घटना को जान सकता हूं, महसूस कर सकता हूं और जरूरत पड़ने पर मन के अनुसार या मन के विपरीत वास्तविकता के आधार पर कार्य कर सकता हूं |

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असफलता से सफलता की कहानी है

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Kya aap jante hai असफलता ही सफलता की कुंजी है aur असफलता ही सफलता की सीढ़ी है
Vastav mai असफलता एक चुनौती है,असफलता से सफलता की कहानी है aur असफलता ही सफलता का स्तम्भ है |

Asafalta se shikh

वास्तव में कोई भी व्यक्ति असफल नहीं होता है, असफलता व्यक्ति का भ्रम होता है |

संसार में हम सभी लोग समान अंगों के साथ आए हैं और भगवान ने हम सब को धरती पर समान समय दिया है (कुछ अपवाद को छोड़कर)

गलती हमारी भी नहीं है जाने अनजाने में कुछ लोग गलत रास्ता पकड़ लेते हैं, तो कुछ लोग सही रास्ता पकड़ लेते हैं |

जिसने सही रास्ता पकड़ लिया वह थोड़ा जल्दी सफल हो जाता है, लेकिन असफल व्यक्ति की राह थोड़ी बढ़ जाती है, क्योंकि उसे बाद में समझ आता है कि मैं गलत राह पर हूं |

देर से ही सही लेकिन मंजिल तक वह भी पहुंच जाता है, वास्तव में गलती असफल लोगों की नहीं होती है बल्कि उनकी मानसिकता की होती है, जिसकी वजह से अनजाने में वह गलत राह चुन लेते हैं, जिससे मंजिल तक आने में थोड़ा समय अधिक लगता है, लेकिन उनको उपहार में एक अनुभव मिलता है जो कि सफल लोगों को नहीं मिलता है |

सफल लोगों के पास सफलता का एहसास होता है, जबकि असफल लोगों के पास एक मौका होता है, वह भी सफल हो सकते हैं, बस उनको देखना होगा कि ऐसी राह कौन सी है जो सफलता की ओर जाती है |

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