Category: FAQs

FAQ’s with Deepak Yadav -3

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क्या करे जब किसी को आपकी परवाह नहीं हो तो ?

अच्छा है, जब किसी को हमारी परवाह नहीं है, तो यह सबसे अच्छा समय है, जब हम अपने आप को संभाल सकते हैं |
सच में हम कितनी कम परवाह करते हैं, अपने आपकी चलो आज से एक नई शुरुआत करते हैं |
हम हमारी पर वह खुद करेंगे और बहुत अच्छे से करेंगे अगर कोई हमारी परवाह नहीं कर रहा है, तो क्या हम किसी की परवाह के गुलाम है क्या नहीं हमें फर्क नहीं पड़ता कोई हमारी परवाह करे या ना करे |
लेकिन मैं अपनी परवाह खुद कर लूंगा, मैं अपनी परवाह खुद कर लूंगा पूरे तन, मन,धन से करूंगा क्योंकि यह जिंदगी मेरे लिए बहुत अनमोल है |
इसके आगे सारी परेशानियां बहुत छोटी है क्योंकि लाइफ में लाइफ से ज्यादा इंपोर्टेंट और कुछ नहीं है |

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FAQ’s with Deepak Yadav – 2

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जिंदगी क्या है ?


जिंदगी सिर्फ जीवन है , चाहे हम इसे जो भी नाम दे |

जिस तरह एक पानी का बुलबुला कुछ समय के लिए
पानी में हुई आंतरिक घटना के कारण पैदा होता है, जिसका कुछ समय के लिए अस्तित्व होता है , और फिर से वह पानी में विलीन होकर पानी बन जाता है,
इसी तरह हम भी हमारी लाइफ की तुलना एक बुलबुले से कर सकते हैं |

जिंदगी में सबसे ज्यादा महत्व किस चीज का है?

जिंदगी में सबसे ज्यादा महत्व खुद जिंदगी का है सोचो अगर हमारे पास सब कुछ हो दौलत और शोहरत हो नाम हो काम है लेकिन यह जिंदगी ही ना हो तो यह सब किस काम का तो जिंदगी में खुद जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है |

अनुभव या अभ्यास जीवन में सबसे ज्यादा महत्व किसका है ?

जीवन में अनुभव और अभ्यास दोनों का बहुत महत्व है अभ्यास और अनुभव एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और वह सिक्का हमारी जिंदगी है अनुभव हमें सही और गलत की राह बताता है और
उसी अनुभव के द्वारा बताई गई सही राह पर चलकर हम सही अभ्यास कर सकते हैं |

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FAQ’s with Deepak Yadav-1

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क्या मां-बाप के गुण बच्चे में आते हैं ?

वास्तव में एक बच्चे में अपने मां बाप से शारीरिक गुण तो आते हैं, लेकिन मानसिक गुण वह खुद ग्रहण करता है जिस तरह के समाज में, जिस तरह के माहौल में वह रहता है उसके अनुसार बच्चों के मस्तिष्क का विकास होता है |

इस जीवन में हमारे अंदर शारीरिक और मानसिक परिवर्तन प्रतिदिन होते रहते हैं |

कर्म क्या है ?

कर्म वह सभी क्रियाएं हैं जो आपके जीवन के साथ करते हैं, सभी क्रिया या कर्मों का कोई ना कोई cause and effect जरूर होता है |

हमारे कर्म में इतनी शक्ति होती है, जिससे हम अपने भाग्य को बदल सकते है, अगर हमारे कर्म अच्छे भाव के साथ किए गए हैं तो भाग्य अच्छा ही होगा |

कॉज एंड इफेक्ट लो क्या है ?

कॉज का संबंध जहां क्यों हुआ से है वही इफेक्ट का संबंध क्या हुआ से है, अगर आपको कोई बीमारी है तो इसका cause वह होगा जो जिसकी वजह से यह बीमारी हुई और इसका effect यही बीमारी होगी |

बीमारी क्या है ?

अगर आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो बीमारी एकमात्र असंतुलित जीवन है, अगर आपके शरीर में कोई बीमारी है, तो इसका मतलब या तो आपके शरीर में किसी चीज की कमी है या अधिक मात्रा है |

असंतुलित जीवन को ही बीमारी कहते हैं |

शारीरिक बीमारी और मानसिक बीमारी में क्या अंतर है ?

अगर हमारा मन असंतुलित है तो यह मानसिक बीमारी कहलाता है, यदि वही अगर हमारे शरीर असंतुलित है तो यह एक शारीरिक बीमारी लाएगी मानसिक बीमारी और शारीरिक बीमारी हमारे मन और तन में असंतुलन की प्रक्रिया है |

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