Category: suicide

Suicide kyu karte hai ?

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आत्महत्या क्यों करते हैं ?

सुसाइड कोई विकल्प नहीं है, अगर आपका कोई बड़ा लक्ष्य है, तो उसे आप स्टेप बाय स्टेप पा सकते हैं |

जिस भी परिस्थिति में आप होते हैं, उसके साथ अपनी पहचान जोड़कर आप इतने फस जाते हैं, कि उन्हें लगता है कि मर जाना जीने से ज्यादा बेहतर है |

लेकिन यह उनका भ्रम होता है, आपके साथ लाइफ में कुछ बुरा हुआ आप मरना चाहते हैं, अगर कुछ अच्छा हुआ तो आप सेलिब्रेट करना चाहते हैं ,और फ्यूचर प्लानिंग करने लगते हैं |

यह सिर्फ विचारों का खेल है, जो आप आपके माइंड में खेल रहे हैं, अगर आपने आपके विचारों पर काम किया है, तो आत्महत्या के विचार कभी नहीं आएंगे जब तक हम विचारों में खोए रहते हैं तो आप जिंदगी की कीमत भूल जाते हैं |

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Why shouldn’t you do suicide in Hindi ?

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when i was in Depression in Hindi

मैं 2016 के वर्ष में बहुत उदास था, क्योंकि मैं कई मानसिक बीमारियों जैसे कि पहचान विकार, अनिद्रा इत्यादि से पीड़ित था, लेकिन 6 महीने बाद मुझे एहसास हुआ कि हर चीज के पीछे cause-and-effect होता है।

आत्महत्या क्यों नहीं करना चाहिए ?

nimn karno ki vajah se maine aatmhatya nhi ki

मेरे पास इस ग्रह पर बहुत सीमित समय है।

मुझे नहीं पता कि मैं ठीक होऊंगा या नहीं, लेकिन फिर भी हमारे पास पृथ्वी पर बहुत कम समय है, क्योंकि पृथ्वी पर एक मानव आयु लगभग 60 से 80 वर्ष है। लेकिन मेरे पास एक मौका है अगर मैं जिंदा हूं तो इसलिए मुझे उस मौके का इस्तेमाल करना है।

मेरी वर्तमान स्थिति के अलावा, जीवन में बहुत कुछ करना है।

चाहे मेरी वर्तमान की स्थिति कैसी भी हो , लेकिन फिर भी लाइफ में मुझे बहुत कुछ करना है, मेरी बचपन से ख्वाहिश थी कि मुझे दुनिया का हर एक कोना हर एक देश देखना है | और यह तभी मुमकिन होगा जब मैं इस धरती पर देखने के लिए रहूंगा |

क्या मेरी वर्तमान समस्या मेरी जिंदगी से बड़ी है?

नहीं मेरी वर्तमान समस्या मेरी जिंदगी का एक हिस्सा मात्र है, जो आज है, कल नहीं होगा, और जो कल होगा , वह उसके अगले पल में नहीं होगा |

क्या मैं बचपन से ऐसा ही हूं ?

वास्तव में मैं बचपन से ऐसा नहीं हूं , लेकिन कुछ मेरी गलतियों की वजह से, कुछ जिस वातावरण में मैं रहता हूं , उसकी वजह से मैं ऐसा हो गया हूं |

क्या मेरी लाइफ आज से बेहतर हो सकती है ?

हां , क्यों नहीं हो सकती, अगर मैं अपनी गलतियां और गलतफहमियां सुधार लूं तो |

ऐसे कौन से काम है जो मुझे जीते जी करने ही है?

मेरी कुछ अपनी पसंदीदा जगह है जिन्हें मुझे इस जिंदगी में देखना ही है , जो दुनिया के बहुत से अलग-अलग देशों में हैं |

मैं इतना लापरवाह नहीं हो सकता

मैं इतना लापरवाह नहीं हो सकता कि, मैं अपनी परेशानी के आगे , मेरे मां-बाप को लेकर मेरे कुछ कर्तव्य में उन्हें भी भूल जाऊं |

आपको अभी तो लाइफ में बहुत कुछ करना है |

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Published in suicide by Deepak Yadav.