Updated : Aug 21, 2020 in depression

Depression ko kaise khatam kare – 2

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मैंने अपने आप कैसे डिप्रेशन को खत्म किया

जब मुझे पता चला कि मैं डिप्रेशन से ग्रसित हूं,
तब मैंने डिप्रेशन को ठीक करने के लिए कई पुस्तकें पढ़ी, साइकैटरिस्ट को दिखाया, कई तरह-तरह के उपचार करवाएं |

लेकिन मैं जानना चाहता था की –

  • डिप्रेशन क्या है?
  • डिप्रेशन होता क्यों है?
  • डिप्रेशन को किस तरह खत्म किया जा सकता है?

मेरे अनुसार डिप्रेशन एक मन की स्थिति है जो मन में अशांति उत्पन्न कर देती है, मन में बार-बार एक ही ख्याल आता रहता है |

You are not your mind

यह स्थिति बनने और बिगड़ने में थोड़ा समय लगता है मन की ऐसी अवस्था को ही डिप्रेशन कहते हैं |

मेरे अनुसार डिप्रेशन होने का कारण सभी लोगों का अलग अलग होता है, हम सब लोगों की बचपन से लेकर अभी तक सब लोगों की कहानी अलग अलग है और उस कहानी के किरदार भी अलग-अलग है |

डिप्रेशन को अवेयरनेस से खत्म किया जा सकता है |

डिप्रेशन से निकलने के लिए मैंने अपने माइंड पर काम किया क्योंकि मुझे पता है, मैंने अभी तक जो भी काम किया वह अपने मन से और मन वही करता है जिसमें मन को मजा आता है |

मैंने निश्चय कर लिया कि जल्दी से जल्दी मुझे डिप्रेशन को खत्म करना है, मैं अब और इस दलदल में नहीं रह सकता हूं |

लेकिन मन को हां और नहीं का खेल समझ नहीं आता है |

जब मैं डिप्रेशन से ग्रसित था, तो मैं सोचता था कि मुझे यह ख्याल नहीं आना चाहिए ,
लेकिन जब मैंने उस खयाल का जिक्र किया तो वह मेरे अंदर पहले से ही आ गया |

मनुष्य को सिर्फ दो तरह की बीमारियां हो सकती है शारीरिक या मानसिक

जिस तरह लगभग सभी शारीरिक समस्याओं का प्रवेश द्वार मुंह, नाक तथा त्वचा है, उसी तरह मानसिक बीमारियों के लिए आंख और कान जिम्मेदार होते हैं, इसी वजह से ख्याल आया कि शायद आंखों से अच्छी जानकारी देखकर या पढ़ कर या कानो द्वारा अच्छी बातें सुनकर मैं डिप्रेशन को खत्म कर सकता हूं |

तब मैंने निर्णय लिया कि अभी से मुझे कान से अच्छा सुनना है, आंख से अच्छा देखना है, नाक से शुद्ध वातावरण की हवा लेनी है, मुंह से शुद्ध खाना खाना है और त्वचा से प्रकृति को महसूस करना है |

इसके बाद मैंने अपनी दिनचर्या बदल दी मैंने अपनी सारी बुरी आदतों को छोड़ दिया, मैंने कानों से पोर्न स्टोरीज की जगह आध्यात्मिक ज्ञान की बातें सुनने लगा |

पोर्न देखने की जगह मैंने आध्यात्मिक लोगों के प्रवचन देखने लगा

पोर्न स्टोरीज पढ़ने की जगह मैं आध्यात्मिक किताबें पढ़ने लगा ( the power of now )

इस तरह मुझे एक माह में बहुत अंतर दिखा मेरा जो डर था, वह काफी हद तक कम हो चुका था, मेरे सोचने पर भी काफी हद तक कंट्रोल हो गया था |

उसी समय मुझे एक व्यक्ति ने ध्यान की सलाह दी मैंने मेडिटेशन भी स्टार्ट किया, ध्यान के संबंध में मैंने एक बात जो पुस्तक में पड़ी :-

ध्यान करने से ज्यादा महत्वपूर्ण है ध्यान देना

जिसका मतलब है अपने विचारों और कर्मों पर ध्यान देना |

आप ध्यान दो कि आपका आने वाला अगला विचार क्या होगा |

जब हमारा ध्यान आने वाले विचारों पर होता है, तो विचार कुछ समय के लिए आना बंद हो जाते हैं |

जिससे हमारे माइंड में के विचारों में गैप आ जाता है यह छोटे छोटे गैप मन को शांत रखने में बहुत मदद करते हैं ,तो हर समय जब भी आप फ्री बैठे हो आने वाले ख्याल का इंतजार करते रहो यही अवेयरनेस डिप्रेशन को खत्म करने के लिए, डिप्रेशन को दूर करने के लिए बहुत मददगार होती है |

NEXT 3 : डिप्रेशन को खत्म करने का सबसे पहला कदम : अपने आप को अपना लो

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