Updated : Aug 25, 2020 in depression

Depression ko kaise khatam kare – 6

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आप आपका मन नहीं हो |

आप आपका मन नहीं हो, यह लाइन मैंने बुक द पावर ऑफ नाउ में पड़ी थी जिसके बाद यह लाइन मेरे अंदर उतर गई |

यह बुक में उस समय पढ़ रहा था, जब मैं डिप्रेशन से गुजर रहा था |

क्या आपको लगता है , आप आपका मन हो ?

वास्तव में आप आपका मन नहीं हो , मन से अभिप्राय जो हमारे अंदर से विचार आते हैं और अंदर से हमारे वही विचार आते हैं जो विचार हमने जाने अनजाने में अपनी आंखों या कानों के माध्यम से मेमोरी में भरे हैं |

हम हमारा मन नहीं है , यदि मैं मेरा मन होता तो बार-बार बदलता क्यों , तो निश्चित तौर पर मैं मेरा मन नहीं हूं |

क्योंकि मेरा मन मेरी स्मृति से बनता है और मेरी स्मृति मेरे द्वारा लिए गए अनुभव से बनती है , लेकिन आध्यात्मिक ज्ञान ना होने के कारण हमें ऐसा प्रतीत होता है कि मैं मेरा मन हूं |

वास्तव में मैं मेरा मन नहीं हूं, मैं तो एक साक्षी हूं , जो मेरे मन में चल रही घटना को जान सकता हूं, महसूस कर सकता हूं और जरूरत पड़ने पर मन के अनुसार या मन के विपरीत वास्तविकता के आधार पर कार्य कर सकता हूं |

तो इसलिए आप अपने मन में चल रही हलचल से परेशान मत होइए क्योंकि आप वह नहीं हो जो आपको लग रहा है, जो आपको लग रहा है वह आपका मन है, जो परिस्थितियों के अनुरूप बदलता रहता है | आप तो साक्षी हो जो मन के इस बदलाव को देख पा रहे हो |

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