Mar 09, 2021 break-up

Past ki chodo present mai rahna sheekho

जिस तरह एक फल से कई बीज निकलते हैं, उसी तरह यादें भी पिछली यादों का प्रतिरूप होती है |

मान लो अपने दो बीज बोए एक आम का और दूसरा बबूल का और उससे दो अलग-अलग पेड़ बन गए |

यह उनकी बेहतरीन याद का ही नतीजा है, हमें वही याद आता है जो हमने पिछली बार याद किया था |

और उतना ही अधिक याद आता है, जितना पिछली दफा याद किया था |

क्या आपने कभी सोचा है आपका शरीर इस तरह का क्यों है, जैसा आप के पैरंट्स का है |

अगर कहीं आपके शरीर में वह याददाश्त नहीं होती तो आपका शरीर भी किसी एलियन से कम नहीं होता |

वास्तव में यादें इतनी बुरी नहीं है, जितनी आप समझ रहे हो बुरा तो उन यादों से होने वाला गुस्सा है |

हमें इन यादों को खत्म करने के स्थान पर वर्तमान में जीना सीखना चाहिए |

अगर आप आपके वर्तमान में खुश रहना सीख गए तो ना तो पास्ट की याद होगी ना ही future
की चिंता होगी |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *